ओरे मनवा तू तो बावरा है
तू ही जाने तू क्या सोचता है
तू ही जाने तू क्या सोचता है बावरे
क्यूँ दिखाए सपने तू सोते जागते
जो बरसें सपने बूँद बूँद
नैनों को मूँद मूँद, नैनों को मूँद मूँद
जो बरसें सपने बूँद बूँद, नैनों को मूँद मूँद
कैसे मैं चलूँ, देख न सकूं
अनजाने रास्ते.....
गूंजा सा है कोई इकतारा इकतारा
गूंजा सा है कोई इकतारा
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